झारखण्ड विधानसभा
15 नवंबर, 2000 को गठित झारखण्ड राज्य की विधानसभा राँची शहर स्थित एच0ई0सी0 टाऊनशिप के रसियन हॉस्टल परिसर में अवस्थित है। रसियन हॉस्टल परिसर में अवस्थित ‘लेनिन हॉल‘ सभा वेश्म के रुप में कार्यरत है। इस सभा वेश्म में एक सौ दस सदस्यों के आसन की व्यवस्था है। इस वेश्म में अध्यक्षीय दीर्धा, पदाधिकारी दीर्घा, पत्रकार दीर्घा तथा सामान्य दर्शक दीर्घायें हैं। सभा वेश्म की दाहिनी और बाँयी ओर क्रमशः सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए उपवेशिकायें हैं। राज्य सरकार के पदाधिकारियों के लिए वेश्म से अलग मुख्य सचिव कक्ष तथा पत्रकारों के लिए पत्रकार कक्ष कार्यरत हैं। विधानसभा मुख्य भवन में ही अध्यक्षीय कक्ष एवं उपाध्यक्ष कक्ष के अतिरिक्त मुख्यमंत्री, संसदीय कार्य मंत्री, नेता प्रतिपक्ष तथा मुख्य सचेतक (सत्तारुढ़ दल) के कक्ष भी अवस्थित है। मुख्य भवन में सचिव कक्ष एवं प्रतिवेदक कक्ष भी है।
सभा सचिवालय परिसर में समिति की बैठकों के लिए दो समिति कक्ष तथा सदस्यों एवं कर्मचारियों के लिए कैंटीन, रेलवे आरक्षण, बैंक, डाकघर तथा चिकित्सा सेवा की सुविधायें उपलब्ध हैं। राजनैतिक दलों की बैठक तथा अन्य समारोह के लिए रसियन हॉस्टल परिसर में दो सभागार हैं तथा 30 कमरों वाला एक अतिथि निवास है। रसियन हॉस्टल परिसर में अवस्थित 150 कमरे वर्तमान विधायकों को आवासन हेतु आवंटित किये गये हैं।
विधानसभा पुस्तकालय में 5000 से ज्यादा पुस्तकें, पत्रिकाएँ और जर्नल हैं। वाचनालय में 25 व्यक्तियों के बैठने और पढ़ने की सुविधा है।
झारखण्ड विधानसभा की कार्यवाही देश-देशान्तर में घटित हो रही संसदीय घटनाओं और लोक-जीवन से जुड़े आलेखों पर आधारित एक त्रैमासिक पत्रिका उडान निरंतर प्रकाशित हो रहे हैं।
झारखण्ड विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष श्री इन्दर सिंह नामधारी थे। सभा में पहला अभिभाषण प्रथम राज्यपाल श्री प्रभात कुमार द्वारा दिया गया। श्री बाबू लाल मरांडी पहले मुख्यमंत्री, श्री मृगेन्द्र प्रताप सिंह पहले संसदीय कार्य मंत्री और श्री स्टीफेन मरांडी पहले नेता, प्रतिपक्ष थे।


